संत कबीर नगर - सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में कभी-कभी जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ जाता है, जिसका जीता जागता उदाहरण संत कबीर नगर जिले के बखिरा झील किनारे बसे जसवल भरवलिया का वार्ड नंबर 5 है । जहां बखिरा झील के आस-पास की जमीन को सरकार पक्षी विहार बनाने के लिए पर्यटक के रूप में विकसित करना चाहती है । इस विकास कार्य से जहां पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा तो वही इस क्षेत्र के लोगों के परिजनों को मृत्युपरांत शव दाह संस्कार करने के लिए जमीन नहीं बचेगी जिससे भविष्य में एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है । जबकि नगर पंचायत वासियों तथा बखिरा झील के किनारे बसे लोगों के पूर्वज वर्षों से झील के किनारे ही दाह संस्कार करते आए हैं । इस विकट समस्या को देखते हुए क्षेत्र के संभ्रांत लोगों द्वारा आज जिलाधिकारी संत कबीर नगर को प्रार्थना पत्र देकर मांग किया गया है कि बखिरा झील के तट पर ही अंत्येष्टि स्थल/मुक्तिधाम का निर्माण करवाया जाए । जिससे क्षेत्र के लोगों को इधर-उधर शव दाह संस्कार न करना पड़े जो पर्यावरण के हित में भी सही साबित होगा । इस दौरान सभासद आशुतोष त्रिपाठी उर्फ दरोगा , सतेन्द्र त्रिपाठी , वृंदावन त्रिपाठी , गंगादीन त्रिपाठी , जगदीश त्रिपाठी , देश दीपक त्रिपाठी , जलेश्वर पाठक कई लोग मौजूद रहे ।
बखिरा झील के तट पर मुक्ति धाम बनवाने की उठी मांग !
byAkhand News Express
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